मोतियाबिंद बहुत आम है और उम्र बढ़ने के साथ होने वाली एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। मोतियाबिंद को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सर्जरी के ज़रिए इसे आसानी से हटाया और ठीक किया जा सकता है।
अपनी आँखों की स्थिति के बारे में जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
मोतियाबिंद सर्जरी आपकी आंख के मोतियाबिंद से प्रभावित धुंधले लेंस को आर्टिफिशियल लेंस (IOL) से बदलने का प्रोसेस है।
मोतियाबिंद तब होता है जब आपकी आंख का लेंस समय के साथ बनने वाले नैचुरल प्रोटीन से धुंधला हो जाता है। जैसे-जैसे कंडीशन बढ़ती है, मोतियाबिंद से प्रभावित लेंस आपकी आंख से कम रोशनी गुज़रने देता है और आपकी नज़र धुंधली हो जाती है। सर्जरी के ज़रिए, धुंधले लेंस को एक साफ़ आर्टिफिशियल लेंस से बदल दिया जाता है। सर्जरी से पास, बीच और दूर तक देखने के लिए साफ़ नज़र मिल सकती है और आपके लेंस चुनने के आधार पर आपको चश्मे से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। मोतियाबिंद सर्जरी एक सुरक्षित और आसान प्रोसेस है जिसमें बस कुछ ही मिनट लगते हैं।
बेहद एडवांस्ड PHACO मशीन से मोतियाबिंद की सर्जरी
मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए अत्याधुनिक PHACO मशीन एक सुरक्षित और बेहतर विकल्प है।
फ़ैको (PHACO) सर्जरी की विशेषताएं और फ़ायदे:
मोतियाबिंद की सर्जरी एक आधुनिक मशीन से की जाती है
यह सर्जरी मशीन द्वारा बनाए गए एक बहुत छोटे छेद के ज़रिए की जाती है
यह दर्द-रहित और बिना टांके वाली सर्जरी है
ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद आंख से पट्टी हटा दी जाती है
सर्जरी के तुरंत बाद काम पर लौटा जा सकता है
कई तरह के फोल्डेबल लेंस उपलब्ध हैं
SICS तकनीक से मोतियाबिंद की सर्जरी
SICS तकनीक का इस्तेमाल करके चीरा लगाकर मोतियाबिंद की सर्जरी
SICS सर्जरी की खासियतें:
यह ऑपरेशन एक छोटा सा चीरा लगाकर किया जाता है।
यह बिना टांके वाला ऑपरेशन है।
ऑपरेशन के बाद मरीज़ को एक दिन अस्पताल में रहना पड़ सकता है।
आई पैच हटाने के अगले दिन से ही मरीज़ को दिखाई देने लगता है।
ऑपरेशन के 15-16 दिन बाद मरीज़ अपनी सामान्य ज़िंदगी फिर से शुरू कर सकता है।
सर्जरी की प्रक्रिया
फ़ैको (PHACO) मशीन या ब्लेड का इस्तेमाल करके एक छोटा सा छेद या चीरा लगाया जाएगा।
मोतियाबिंद वाला लेंस हटा दिया जाएगा और उसकी जगह कृत्रिम लेंस (IOL) लगाया जाएगा।
इसमें टांके लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ती, क्योंकि छेद या चीरा बहुत छोटा होता है।
सर्जरी के बाद, सुरक्षा के लिए आँख पर पट्टी बांधी जाएगी।
कुछ घंटों बाद पट्टी या पैच हटा दिया जाता है और मरीज़ को सुरक्षा के लिए काले चश्मे दिए जाते हैं।
सर्जरी की प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 10 से 12 मिनट लगते हैं।
क्या आप जानते हैं?
कभी-कभी जब मोतियाबिंद बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है और मोटा हो जाता है, तो मरीज़ के PHACO सर्जरी चाहने के बावजूद डॉक्टर SICS प्रक्रिया को चुनना बेहतर समझते हैं। सर्जरी से पहले अपने डॉक्टर या काउंसलर से सलाह लें और पता करें कि क्या आपकी स्थिति भी ऐसी ही है।